केंद्र सरकार का राशन कार्ड पर बड़ा फैसला, वन नेशन वन राशन कार्ड योजना 1 जून से पूरे देश में लागू कर दी जाएगी।

केंद्र सरकार का राशन कार्ड पर बड़ा फैसला, वन नेशन वन राशन कार्ड योजना 1 जून से पूरे देश में लागू कर दी जाएगी।

सरकार ने संसद में कहा कि वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत 1 जून से पूरे देश में एक राशन कार्ड योजना लागू की जाएगी। यह योजना अभी 12 राज्यों में लागू है। उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के मंत्री रामविलास पासवान ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न का उत्तर दिया कि देश में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को मदद करने के लिए 1 जून से वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को लागू कर दिया जाएगा।

 पासवान ने कहा कि, 2013 में 11 राज्यों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लागू होने के बाद सभी राज्य इसके दायरे में आ गए हैं।

 उन्होंने कहा कि योजना के अगले चरण में, सरकार ने 1 जनवरी से पूरे देश के लिए वन नेशन वन राशन कार्ड योजना शुरू कर दि है। 12 राज्य आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, कर्नाटक, राजस्थान, हरियाणा, त्रिपुरा, गोवा, झारखंड और मध्य प्रदेश से यह सेवा शुरू कि गई हैं।

उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत किसी को भी राशन कार्ड के लिए नए कार्ड की आवश्यकता नहीं है। वहीं, पासवान ने नए कार्ड जारी करने की अफवाहों के बारे में चेतावनी देते हुए कहा, “यह फ़र्जी लोगों का खेल है। अगर इस खेल को नहीं रोका गया तो मंत्रालय अपनी CBI जांच से पीछे नहीं हटेगा।” एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में, पासवान ने कहा कि मंत्रालय ने 1 जून से पूरे देश में वन नेशन वन राशन कार्ड योजना लागू करने का लक्ष्य रखा है। केवल पूर्वी राज्यों को इस समय इस योजना से बाहर रखा गया है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सभी राशन की दुकानों को फिंगर प्रिंट आइडेंटिफिकेशन मशीन से औऱ राशन कार्ड को आधार के साथ जोड़ने की आवश्यकताओ के कारण पूर्वी राज्यों को इस समय योजना से मुक्त रखा गया है।

राशन कार्ड पर प्राप्त खाद्य पदार्थों की कीमतों को सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में से काटने की योजना के बारे में, पासवान ने कहा कि पायलट परियोजना को तीन केंद्र शासित प्रदेशों (पांडिचेरी, चंडीगढ़ और दादरनगर हवेली) में पूरा नहीं किया गया है।

इसके लिए उन्होंने पांडिचेरी सरकार की असहमति का मुख्य कारण यह कहते हुए दिखाया कि, “इस राशन कार्ड योजना को राज्य सरकारों की सहमति के बिना DBT से नहीं जोड़ा जा सकता है। इसलिए अब सरकार केवल वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को लागू करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। जहां राज्य सरकार सहमत है, DBT के माध्यम से कैशलेस राशन वितरित किया जाएगा। जहां राज्य सरकारो की सहमत नहीं हैं, वहाँ हम उनकी सहमति का इंतजार करेंगे।”

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