जानिए नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC)/ राष्ट्रीय बचत पत्र के बारे में।

जानिए नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC)/ राष्ट्रीय बचत पत्र के बारे में।

 हाल ही में यश बेंक के कारनामों से हम सब परिचित तो है ही
औऱ पता नहीं अब कौनसी बेंक का दिवाला निकल जाए इस खयाल से आप सब चिंतित होंगे तो आज हम इसी चिंता से आपको मुक्त करवाने हेतु यह पोस्ट लाए है।

 नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) यह एक टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट है, यहाँ पर इन्वेस्ट किए हुए आपके पैसे सीधे सरकार के पास जाते है क्योंकि पोस्ट-ऑफिस सरकार के आधीन होती हैं औऱ इससे आपके पैसे को बहोत सेफ्टी मिलती है। राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) जिसे कोई भी भारतीय अपनी नजदीकी पोस्ट-ऑफिस से खरीद सकता है। भारत सरकार द्वारा समर्थित राष्ट्रीय बचत पत्र एक निश्चित रिटर्न और कम जोखिम वाला निवेश हैं।

 NSC आमतौर पर कम जोखिम वाले औऱ फिक्स्ड रिटर्न प्राप्त करने वाले निवेशकों की पहली पसंद है।

50 रुपए की NSC की छवि

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) के बारे में कुछ ख़ास बातें।

 पहले NSC दो अवधि में उपलब्ध थे 5 वर्ष (NSC VIII) और 10 वर्ष (NSC IX)। NSC IX के बंद होने के साथ, वर्तमान में केवल 5 वर्ष की NSC उपलब्ध है।

  •  NSC को किसी भी भारतीय पोस्ट-ऑफिस से प्राप्त किया जा सकता है, और इसका मेच्योरिटी काल 5 साल है।
  •  मिनिस्ट्री ऑफ फाइनांस की घोषणाओं के अनुसार ब्याज दर हर साल परिवर्तन के अधीन होगा।
  •  न्यूनतम NSC निवेश 100 रुपये है, औऱ अधिकतम निवेश की कोई सीमा तय नहीं है।
  •  इनकमटैक्स अधिनियम, 1961 की धारा 80C के तहत NSC द्वारा टैक्स में बचत के लिए सालाना 1.5 लाख की मर्यादा तय की गई है।
  •  ब्याज सालाना इसमें जमा किया जाता है, लेकिन बिना किसी TDS कटौती के साथ केवल परिपक्वता पर धन राशि का भुगतान किया जाता है।

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट के प्रकार।

 सिंगल होल्डर टाइप सर्टिफिकेट: सिंगल होल्डर सर्टिफिकेट किसी निवेशक द्वारा स्वयं या नाबालिक बच्चे के लिए उसके गार्डियन की औऱ खरीदा जा सकता है।

 जॉइंट ऐ टाइप सर्टिफिकेट: इस मामले में, सर्टिफिकेट कि मैच्योरिटी की रकम बराबर हिस्सेदारी वाले दो निवेशकों को मिलती है।

 जॉइंट बी टाइप सर्टिफिकेट: यह भी एक जॉइंट होल्डिंग सर्टिफिकेट है, हालांकि मैच्योरिटी की रकम का भुगतान केवल एक धारक को ही किया जाता है।

राष्ट्रीय बचत पत्र पर निवेश हेतु शर्ते।

 सभी भारतीय निवासी NSC में निवेश करने के लिए पात्र हैं।
नॉन रेसिडेंट भारतीय नए NSC नहीं खरीद सकते। हालांकि, NRI को भारतीय निवासी बनने के मामले में, NSC परिपक्वता तक अपना पक्ष रखना होगा।

 कोई ट्रस्ट और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) NSC में निवेश नहीं कर सकते हैं। HUF (Hindu Undivided Family) के कर्ता NSC में निवेश केवल अपने नाम से कर सकते हैं।

राष्ट्रीय बचत पत्र पर निवेश करने के लाभ।

  • NSC भारत सरकार द्वारा समर्थित एक लगभग जोखिम मुक्त निवेश है।
  • NSC फिक्स्ड रेट इंस्ट्रूमेंट के बीच सबसे अधिक रिटर्न दर देता है।
  • 100 रुपये की कम न्यूनतम निवेश आवश्यकता और अधिकतम सीमा की कोई मर्यादा न होने के कारण NSC फ्लेक्सिबल है।
  • NSC की खरीदारी आसानी से उपलब्ध हैं जो कि किसी भी भारतीय पोस्ट-ऑफिस में की जा सकती है।
  • ये सर्टिफिकेट नाबालिग के नाम से भी खरीदे जा सकते हैं।
  • सालाना 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर कर कटौती का लाभ देता है।
100 रुपए के NSC कि छवि

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट में निवेश कैसे करें?

 NSC आवेदन पत्र भरें NSC आवेदन पत्र ऑनलाइन और साथ ही सभी पोस्ट-ऑफिस में ऑफ़लाइन उपलब्ध है।

 वेरिफिकेशनके लिए आवश्यक KYC दस्तावेजों की सेल्फ़ वेरिफाइड ज़ेरॉक्स नकल जमा करें।

 नकद या चेक द्वारा निवेश की जाने वाली राशि का भुगतान करें।

 एक बार प्रमाण पत्र खरीदने के बाद लागू राशियों के NSC मुद्रित होते हैं और पोस्ट-ऑफिस से एकत्र किए जा सकते हैं।

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) के लिए कौनसे दस्तावेज़ आवश्यक होंगे।

  1. पूरी तरह से NSC आवेदन पत्र भरा हुआ।
  2. वर्तमान तस्वीर पासपोर्ट साईज की
  3. पहचान प्रमाण हेतु – आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि।
  4. पता प्रमाण हेतु – आधार कार्ड, वॉटर आई.डी कार्ड आदि।
  5. निवेश राशि का नकद या चेक जमा।

 राष्ट्रीय बचत पत्र के बारे में और अधिक जानकारी पाने के लिए नजदीकी पोस्ट-ऑफिस से संपर्क करें या फिर इंडियन पोस्ट की ऑफिशल वेबसाइट https://www.indiapost.gov.in/ पर विजिट करें।

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